पृष्ठभूमि
जीवन के पृष्ठभूमि पर
अंगराई लेता यह यौवन
मादकता से भरपूर यह
प्रफुल्ल भ्रमर करता यौवन।
नव पुष्प नव उद्यान
भ्रमित है मानव जीवन
यह रैन बसेरा है
जीवन सरस बनाता यौवन।
मन्द मन्द हवाएं आज
क्यूं बलखाती अपना यौवन
सरस माधुरी भर भर कर
बिखराती है अपना यौवन।
तुम्हारी जीवन की पृष्ठभूमि
है न्योछावर अपना जीवन।
Ceeated on 23/9/2025
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@ Ramesh Rai