तारों का भेद

तारों का भेद कोई क्या जाने 
कितने तारे हैं आसमां में ।
अपनी ही किरणों के खोज में 
भटक रहे हैं सब तारे।।

हर तारों की किरणों में 
छुपा हुआ है एक नई राज।
हम नाम न दे सकेंगे किरणों का 
पहचान बनी है हर तारों का।।

हर तारे दिव्य प्रकाश फैलाते हैं 
अपने मण्डल को हर्षाते है ।
हर तरफ एक नई चेतना 
मृदुल भास जगाते नई चेतना।।

Created on 18/9/2025
All rights reserved 
@ Ramesh Rai 

Popular posts from this blog

Web Of Wisdom

नीलाम

THE HYMN OF MERCY