जातिवाद, आरक्षण और सत्ता
भारतीय संस्कृति में जाति का कहीं उल्लेख नहीं मिलता है। हां वर्ण व्यवस्था का जिक्र है। पूरा समाज चार वर्णों में विभाजित था। क्या ये वर्ण जन्मजात होते थे या बाद में जन्म को आधार बनाया गया। विश्वामित्र जन्म से क्षत्रिय थें लेकिन बाद में ब्रह्मज्ञानी के रूप में विख्यात हुए। व्यास आज के समय के अनुसार शूद्र थें क्योंकि उनका लालन पालन मल्लाह परिवार में हुआ था। लेकिन उनकी पहचान वेद व्यास के
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