एक भोजपुरी गीत
इसे मैं 1974 के आस पास रचा था जो आज भी मेरे यादाश्त में है।
अमवा मोजारिया पीली रे सरिसोईया
लाली लाली सेमर के फूल
कईसन नीक बाटे इह मौसमवा
अपना के गईली हम भूल।
पुरवा के झोंकवा से चुयेला महुआवा
खिलेला बेईलीया के फूल
अमावा के डरिया पे कुहके कोयलिया
भईल बा फसलवा बहुल।।
बस यही हाल बाटे
मोर दिल के आंगनवा में
आजू पायो पिया के संदेश हो
आजू पायो पिया के संदेश।।।